Tuesday, March 29, 2011

चाहत...

बनके खुश्बू हवाओं में बिखर जाने की चाहत,
आवारा उड़ते हुए बहुत दूर तक पँहुच जाने की चाहत..

सागर की उन्मादी लहरों में सबकुछ लिखने की चाहत,
बूँद-बूँद में इक नज़्म को समा लेने की चाहत..

घण्टों एकटक सूरज को आँखें दिखाने की चाहत,
हाथ बढ़ा कर उस चमकते चाँद को पा लेने की चाहत..

बिना चिंगारी के गीली लकड़ियाँ सुलगाने की चाहत,
बिना सोए पलकों में हसीन ख़्वाब जगाने की चाहत..

बनके धड़कन हमेशा तेरे दिल में धड़कने की चाहत,
बनाके तुझे धड़कन अपने दिल में धड़काने की चाहत..

22 comments:

  1. बहुत अच्छा लिखा है आपने.

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  2. इतनी प्रतीक्षा....अब तो सुकुन आया....अच्छा तो इतने दिन से ये आप अपनी चाहतों को समेट रही थी....क्या खुब लिखा है आपने.....सच में चाहत तो अनंत होती है,पर कुछ चाहत ऐसी होती है..जिनके पूरे होने पर अपनी सम्पूर्णता और अस्तित्व की पूर्णता का ज्ञान होता है...आपकी लेखनी के बारे में क्या कहूँ...वो तो मै हमेशा से आपका प्रशंसक रहा हूँ...बस एक गुजारिश करता हूँ...इक बेवजह और बेतुके हक से,कहने का तो अधिकारी नहीं हूँ फिर भी...कुछ समय निकाल कर यूँ ही काव्य मोतियों का रसपान कराती रही....आपकी उज्जवल भविष्य की शुभकामनाओं के संग बधाई..................धन्यवाद।

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  3. प्रोत्साहन और शुभकामनाओं के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद..

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  5. बनके धड़कन हमेशा तेरे दिल में धड़कने की चाहत,
    बनाके तुझे धड़कन अपने दिल में धड़काने की चाहत..

    really nice lines...:)
    http://hari-computertricks.blogspot.com

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  6. बनके धड़कन हमेशा तेरे दिल में धड़कने की चाहत,
    बनाके तुझे धड़कन अपने दिल में धड़काने की चाहत..
    .....अति सुन्दर ...सार्थक अभिव्यक्ति

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  7. तारीफ के लिए हर शब्द छोटा है - बेमिशाल प्रस्तुति - आभार.

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  8. kitni hi chaahte hoti hain jo insaan ke bheetar hi zabt ho jati hain.behtar hai chaahton ko pura karne ka har sambhav prayas kiya jaye.

    sunder nazm.

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  9. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (2.04.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

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  10. बहुत मीठी और सुंदर हैं आपकी चाहत -
    चाह कर चाहतों के पीछे भागने की चाहत -
    न चाह कर भी चाहतों में सामने की चाहत .....!!
    सुंदर लेखन .

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  11. घण्टों एकटक सूरज को आँखें दिखाने की चाहत,
    हाथ बढ़ा कर उस चमकते चाँद को पा लेने की चाहत..

    सुन्दर अभिव्यक्ति

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  12. चर्चा मंच से होते हुवे आपके ब्लॉग पर आना हुआ बहुत अच्छा लगा आपके ब्लॉग पर आना और आपकी सुन्दर प्रस्तुति पढना

    अपनी ब्लॉग की पोस्ट को दिखाए नए नए स्टाइल में

    2 विडियो डीवीडी को 1 डीवीडी में कॉपी करने का बेहतरीन तरीका

    बिना कमेन्ट के भी मै खुश हु।

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  13. A beautiful world of dreams.

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  14. सुन्दर अभिव्यक्ति

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  15. बिना चिंगारी के गीली लकड़ियाँ सुलगाने की चाहत
    क्या खूब विरोधाभासी चाहत है
    बहुत सुन्दर

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  16. बिना चिंगारी के गीली लकड़ियाँ सुलगाने की चाहत,
    बिना सोए पलकों में हसीन ख़्वाब जगाने की चाहत..

    बहुत सुन्दर !
    पूरी ग़ज़ल उम्दा है !

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  17. aap sabhi ka bahut bahut shukriya...........pasand karne ke liye hardik aabhar.......

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  18. बहुत सुन्दर|
    नवसंवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएँ| धन्यवाद|

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  19. good goin
    par yaha kya sudh hindi likha he anivarya hai :p

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  20. बहुत ही खुबसूरत तरीके से आप अपने चाहत को जताया है, बधाई स्वीकार करे...
    ^...मिंटू कुमार^

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  21. dubkar khoobsurati se likhe ahsaas...nice

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